Thursday, January 27, 2011

उमंग

एक छोटी सी उमंग लिए ये चंचल मन उड़ चला

आखो में कुछ ख्वाब सजोये

ये मनचला उड़ चला

बंद दरवाज़े खोले जिसने
ईट ईट जोड़े जिसने
उन् ईटो का एक महल बनाया
सपनो से फिर उसे सजाया

अपने सपनो को पंख लगाके आशओं को साथ लिए
ये मनचला मन उड़ चला

ये सबसे आगे उड़ चला

मस्ती की वादियों की ओर
जीवन के अनछुए पहलुओं को छूने

एक सुहाना सपना संजोये
ये दीवाना मन उड़ चला


पर इसको नहीं पता
आगे है जोखिम भरा रास्ता
ये मनचला चलता ही रहा
ना कोई खबर न ही कुछ पता

है कहीं मन में एक डर गुम ना जाए ये सुहाना सफ़र

ना छूट जाएँ वो अपने ना चूर हो जाएँ वो सपने

ज़िन्दगी है एक जोखिम भरा सफ़र
कभी इस डगर तो कभी उस डगर
जंग शुरू होती है यहाँ
पैदा होते संग जहाँ

पर करना है उन् जोखिमो को पार

जाना है मुझे लहरों के उस पार

सच करने हैं सपने अपार

Some how i have completely fumbled the theme but still i am posting it so dat anyone with a good idea can drop in few meaningful thoughts


3 comments:

Anonymous said...

So thoughtful it is in itself.

Vaniki said...

Who is this anonymous! Thre is no harm even if u reveal ur identity !

Anonymous said...

you can guess :o)